भारत की बिटियाँ हु मै ....
भारत की बिटियाँ हू मै ....
अम्मा की दुलारी, बाबुल की प्यारी,
दादी-नानी की
परियों की कहानी हु मै !!!
गंगा सी पवित्र
और दुर्गा की ताकत ,
ऐसी... आसमा में फैली असीम चांदनी हू मै !!!
भारत की
बिटियाँ हू मै ....
आँगन की माटी, और चबूतरे मे उतरी रंगोली,
ऐसे फूलो से
सजी क्यारी हू मै !!!!
नन्हे नन्हे
कदमो से घर-घर चह-चहाती ,
अटारी का
उजियारा और चौके में माँ का सहारा हू मै !!!
भारत की
बिटियाँ हू मै ....
हिमालय की गोद
मै बलखाती,
ऐसे मासूम
संस्कारो की धानी हू मै !!!
तितली बन-बन धरा पर रंग
बिखेरती,
ऐसी गंगा-जमुना की धारा
हू मै !!!
भारत की
बिटियाँ हू मै....
खेतो मै
लहलहाती फसलो का कारण बनती,
शस्य श्यामलम
मातरम हू मै !!!
गुरूद्वारे की
अरदास , मस्जिदों की अजान,
और मंदिरों की
आरती हू मै !!!
नव जीवन तलाशती
इक किरण हु मै...
भारत की लड़की
हू मै !!!
सूरज का तेज , सिन्धु का वेग,
अरावली,दक्कन,विन्ध्याचल
हू मै !!!
कृष्णा-कावेरी के धाराओं की छम-छम,
ऐसे आर्यावर्त
की पहचान हू मै !!!
नव जीवन तलाशती
इक किरण हु मै...
भारत की लड़की
हू मै !!!
गोकुल की
गोपिका तो, कुरुक्षेत्र की पांचाली मै ,
गिरधर की मीरा
भी मै.. ऐसे राम की शबरी हू मै !!!
झाँसी की मनु
कहीं तो.. कही दुर्गा भाभी हू मै ,
इंदिरा की
हुंकार तो.. लता-आशा की सुरताल हू मै !!!
नव जीवन तलाशती
इक किरण हु मै...
भारत की लड़की
हू मै !!!
देहरी की लाज
और घर की लक्ष्मी हू मै,
माथे की
बिंदिया तो पैरो की बिछिया भी मै !!!
हल्दी-रोली की
बंधन मै बंधी हर पल,
ऐसी माँ के
ममता की इन्द्रधनुषीय छठा हू मै !!!
भारतीय नारी हू
मै....
मै होली मै ही
दिवाली,
ईद की ईदी और
लोहड़ी की रात हू मै !!!
सरहद पर बैठे
युवको का साहस बढाती,
ऐसे हर कलाई पर
बंधी राखी हू मै !!!
भारतीय नारी हू
मै....
वेदों का ज्ञान ,कुरआन का इल्म,
ऐसे गुरु
ग्रन्थ साहिब का सम्मान हू मै !!!
महान संस्कृति
का सदा निर्माण करती आती,
भारत भाग्य
विधाता हू मै !!!
ऐसी भारतीय
नारी हू मै....
No comments:
Post a Comment